लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मछली भोज को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। मंगलवार को अजय राय ने अपने अधिवक्ता संजीव पांडेय के माध्यम से जनपद न्यायालय में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया।
मामला अयोध्या में पिछले दिनों हुए मछली भोज से जुड़ा है। सावन माह में आयोजित बताए जा रहे इस भोज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री ने अजय राय पर भी सावन में मछली भोज करने का आरोप लगाया था और इसे कांग्रेस के चरित्र से जोड़कर टिप्पणी की थी।
अजय राय ने आरोप को बताया बेबुनियाद
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अजय राय ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनका मछली खाते हुए कोई फोटो या वीडियो सामने आ जाए तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अजय राय ने खुद को पूर्ण शाकाहारी बताते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री को किसी पर इस तरह का आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
अब इसी बयान को आधार बनाते हुए अजय राय ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री की ओर से बिना किसी प्रमाण के सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ टिप्पणी की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अजय राय का कहना है कि वह मांसाहार नहीं करते हैं। इसके बावजूद सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ ऐसी टिप्पणी किए जाने से उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है।
कांग्रेस का लखनऊ में प्रदर्शन
इसी बीच मंगलवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तनुज पुनिया और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई संविधान की भावना के विपरीत है और जब तक उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं होती, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण का मुद्दा भी उठाया। पुनिया का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को उठाया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता करीब 22 दिनों से अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजरें अजय राय की ओर से दाखिल मानहानि परिवाद पर अदालत की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

